रविवार, 4 अक्टूबर 2020

लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल 🙏

 सरदार वल्लभ भाई पटेल :- ‘‘नेहरू जी आइये रिक्शा में बैठ लीजिए !’’ 

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जवाहर लाल नेहरू :- ‘‘नहीं पटेल जी हम खान साहब से जरूरी बातें कर रहे हैं |’’

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सरदार वल्लभ भाई पटेल :- ‘‘ऐसी क्या जरूरी बाते हैं?

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जवाहर लाल नेहरू :- ‘‘यह पाकिस्तान जाने की जिद किए हुए हैं, हम चाहते हैं कि भारत में ही रहें |’’

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सरदार वल्लभ भाई पटेल :- ‘‘तो जाने क्यों नहीं देते, फिर पाकिस्तान बनवाया ही किसलिए |’’

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जवाहर लाल नेहरू :- ‘‘वह तो ठीक है, लेकिन इनके साथ पांच लाख मुस्लिम और पाकिस्तान चले जाएंगे |’’

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सरदार वल्लभ भाई पटेल :- ‘‘तो जाने दीजिए |’’

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जवाहर लाल नेहरू :- ‘‘लेकिन दिल्ली तो खाली हो जाएगी।

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सरदार वल्लभ भाई पटेल :- ‘‘जो लाहौर से हिन्दू आएंगे उनसे भर जाएगी |’’

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जवाहर लाल नेहरू :- '‘नहीं उन्हें मुस्लिमों के घर हम नहीं देंगे, वक्फ बोर्ड को सौंप देंगे |’’

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सरदार वल्लभ भाई पटेल :- ‘‘और लाहौर में जो अभी से मंदिर और डीएवी स्कूल पर कब्जा कर उनके नाम इस्लामिक रख दिए हैं।

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जवाहर लाल नेहरू :- ‘'पाकिस्तान से हमे क्या लेना-देना, हम तो भारत को धर्मनिरपेक्ष देश बनाएंगे |’’

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सरदार वल्लभ भाई पटेल :- ‘‘लेकिन देश का बंटवारा तो धर्म के आधार पर हुआ है| अब यह हिन्दुस्तान हिन्दुओं का है |’’


जवाहर लाल नेहरू :- ‘‘नहीं यह देश कांग्रेस का है. . कांग्रेस जैसा चाहेगी वैसा होगा |’’


सरदार वल्लभ भाई पटेल :- ‘‘इतिहास बदलता रहता है, अंग्रेज भी जा रहे हैं फिर कांग्रेस की हस्ती ही क्या है ? मुस्लिम साढे सात सौ साल में गए, अंग्रेज 200 साल में गए और कांग्रेस 60-70 साल में चली जाएगी और लोग भूल जाएंगे |’’


जवाहर लाल नेहरू :- ‘‘ऐसा कभी नहीं होगा |’’


सरदार वल्लभ भाई पटेल :- ‘‘जरूर होगा, आप मुगल सोच त्याग दें |’’ कहकर पटेल ने रिक्शा चालक से कहा, ‘आप तेज चलिए, हम भी किस मूर्ख से जबान लडा बैठे !’


“इतिहास की अनकही सत्य कहानियां” का एक अंश (एक रिक्शाचालक, धर्मसिंह तोमर की डायरी के आधार पर)


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जय हिंद 🇮🇳🇮🇳🙏🙏।।

शनिवार, 3 अक्टूबर 2020

धर्म के नाम पर फेक id।।।

 नाम / Fake ID में नाम

1 सोहराब/सुनील यादव

2 सरफराज/अमित मिश्रा

3 हामिद कुरैशी/नागेंद्र कुमार पासवान

4 अहमद/ सुरेन्द्र सिंह


अब सुनील यादव(सोहराब)पोस्ट डालता है: "धर्म के नाम पर ब्राह्मणों ने हमेशा हमारा शोषण किया है, कोई देवी देवता नहीं होता हिन्दू धर्म सिर्फ ब्राह्मणों की बकवास है, ये सब बीजेपी और आरएसएस वाले हैं।"


अब शुरू होता है इस नाटक के बाकी तीनों किरदारों का तमाशा, देखिए कमेंट बॉक्स में: 

Comment:


सुरेंद्र सिंह उर्फ(अहमद)-

"ऐ सुनील यादव, खबरदार जो हिन्दू धर्म के बारे में कुछ बोला तुम यादव लोग हिन्दू नहीं हो सकते," (2-4 गाली लिख देता है)।

फिर बारी आती है तीसरे नौटंकी बाज की-


नागेंद्र पासवान उर्फ (हामिद)

नमो बुद्धाय, जय भीम।

"अरे भाई लोगों गाली गलौज क्यों कर रहे सच्चाई तो कड़वी होती ही है, तुम लोग हम दलितों को मंदिर में घुसने नहीं देते हो ये धर्म नहीं पाखण्ड है इससे अच्छा तो इस्लाम है सभी बराबर खड़े हो कर नमाज़ पढ़ते हैं।"

अब तीसरा नौटंकी बाज आता है कमेंट बॉक्स में-


अमित मिश्रा उर्फ (सरफ़राज़)

"हाँ... हाँ... तुम लोग अछूत हो तो क्यों घुसने दे मंदिर में? जाओ इस्लाम ही अपना लो, तुम सब नीच हो, कौन मुंह लगाए तुम्हें।"


जबकि चारों एक ही "समुदाय विशेष" के हैं।

इस के बाद कई हिन्दू यादव ,राजपूत, ब्राह्मण और दलित सभी तुरंत इस कमेंट बॉक्स में अपनी-अपनी जाति के समर्थन में बिना समझे कि  fake id है,आपस में एक दूसरे से लड़ने लगते हैं और हमारे जातिवाद का फायदा उठाने वाले वो चारों हमारी मूर्खता पर अट्टहास लगा कर हँसते हैं।


देश के अंदर -बाहर से दुश्मन घात लगा कर बैठा है मौके की तलाश में, और इस प्रकार हिंदूओं में आपसी फूट डाल कर लड़ाते हैं

विचार करें-

ऐसे लाखों सोहराब और सरफराज दिन रात सोशल मीडिया पर तुम सबको तोड़ने और लड़ाने के लिए काम कर रहे हैं।

जिहाद अपने चरम पर है, हर स्तर से हिंदुत्व को क्षति पहुंचाने पर कार्य हो रहा है वो भी युद्धस्तर पर।

सावधान रहें, सनातनी एक थे, एक हैं और एक रहें।

जय हिंद जय भारत🙏🙏🙏🇮🇳🇮🇳🇮🇳